टॉयलेट पर ताला लगाया, बदबू हटाने के लिए ‘चूने’ का सहारा लिया!

संगरूर (सुखविंदर सिंह):-
पंजाब सरकार और नगर परिषद शहर को साफ बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रही हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बता रही है। शहर के सबसे व्यस्त और पॉश मार्केट माने जाने वाले कोला पार्क मार्केट में बना पब्लिक टॉयलेट लंबे समय से बंद है। संगरूर नगर परिषद का काम फिलहाल हास्यास्पद है। यहां बना पब्लिक टॉयलेट कर्मचारियों की कमी का बहाना बनाकर बंद कर दिया गया है, जिससे मार्केट में आने वाले लोग अब सड़कों और दीवारों पर गंदगी फैलाने को मजबूर हैं।

प्रशासन का ‘सफेद’ जुगाड़

जब लोगों ने बदबू और गंदगी की शिकायत की, तो प्रशासन ने वॉशरूम खोलने का समाधान ढूंढने के बजाय एक अजीब तरीका अपनाया। गंदगी को छिपाने के लिए टॉयलेट के चारों ओर चूना छिड़क दिया गया। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि अधिकारियों को शायद लगता है कि चूना छिड़कने से लोगों का आना-जाना बंद हो जाएगा या बदबू खत्म हो जाएगी।

होटलों के बाहर नरक जैसी हालत

हैरानी की बात है कि गंदगी के इस ढेर और बंद टॉयलेट के ठीक बगल में दो बड़े होटल हैं। जब बाहर से टूरिस्ट यहां आते हैं, तो उनका स्वागत चूने की सफेदी से नहीं, बल्कि खुले में पेशाब की बदबू से होता है। नगर परिषद के अधिकारी गहरी नींद में सो रहे हैं और जनता नरक जैसी ज़िंदगी जीने को मजबूर है। सवाल यह उठता है कि क्या संगरूर जैसे शहर में एक सफाई कर्मचारी की भर्ती करना भी अब पहाड़ जैसा काम हो गया है?

गंदगी और बदबू की दुनिया

बंद वॉशरूम की वजह से मार्केट में आने वाले लोगों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कोई और चारा न होने के कारण, लोग टॉयलेट के आसपास और दीवारों के किनारे खुले में पेशाब करने को मजबूर हैं। इस वजह से पूरे इलाके में असहनीय बदबू फैल गई है। गौरतलब है कि इस टॉयलेट के बहुत पास दो बड़े होटल हैं, जहां रोज़ाना सैकड़ों मेहमान आते हैं। खुले में पेशाब से फैली गंदगी न सिर्फ शहर की सुंदरता खराब कर रही है, बल्कि गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा भी पैदा कर रही है।

दुकानदारों और राहगीरों में विरोध

स्थानीय दुकानदारों ने विरोध जताते हुए कहा कि इस मुद्दे को संबंधित विभाग के अधिकारियों के ध्यान में कई बार लाया गया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार स्वच्छ भारत अभियान के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन दूसरी तरफ, सिर्फ़ एक कर्मचारी की कमी के कारण जनता को बनी हुई सुविधाओं का फ़ायदा नहीं मिल रहा है। खासकर महिलाओं और बुज़ुर्गों को इस समस्या के कारण सबसे ज़्यादा परेशानी हो रही है।

प्रशासन से तुरंत समाधान की मांग

शहर के निवासियों और व्यापारी समुदाय के प्रतिनिधियों ने संगरूर नगर परिषद और ज़िला प्रशासन से मांग की है कि कौलां पार्क के इस पब्लिक टॉयलेट में तुरंत एक सफ़ाई कर्मचारी नियुक्त किया जाए और इसे जल्द से जल्द जनता के लिए खोला जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे नगर परिषद के ख़िलाफ़ आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।

“अगर आपके इलाके में कोई समस्या है, तो इस नंबर [90566 64887] पर हमें फ़ोटो या वीडियो भेजें, हम आपकी आवाज़ बनेंगे।”

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